Description
Dr. Babita ‘Kiran’
डॉ. बबिता ‘किरण’ का यह पहला, पर हर दृष्टि से संपन्न व भावपूर्ण लघु कविता-संग्रह है – ‘अविरल प्रेम’, जोकि अपने शीर्षकानुरूप प्रेम के अनेक पक्षों को सुंदर तथा भावपूर्ण ढंग से पेश करता है। यहां सिर्फ आम प्रचलित प्रेम की बात ही नहीं हुई है, बल्कि यह पुस्तक नौ भागों में विभक्त होकर प्रेम के अलग-अलग दिग्दर्शन कराती है, लगता है मानो फूलों की तरह रंग-बिरंगी छटा और स्थायी खुशबू फैलाती हैं ये प्रेम पगी कविताएं। ऐसे पाठक जो प्रेम के बहुत सारे अलग रूप-रंगों की तलाश में हैं, प्रेम का असल मतलब जानना-समझना चाहते हैं, अलावा इसके पुस्तकों की महत्ता, भक्ति में भरोसा, रिश्तों का निर्वाह, प्रकृति से प्रेम या नारी मन की गहराई जानना चाहते हैं, ऐसे तमाम प्रबुद्ध पाठक भी यह किताब, जोकि प्रेमभरी लघु कविताओं का खजाना है, इसे समय और सुविधा लेकर जरूर पढ़ें।






