Availability: In Stock

Agniputri

SKU: 9788169624657

250.00

Category:

Description

Dr. Sanjeev Kumar

क्या होगा जब एक स्त्री के भीतर दबा आक्रोश अग्नि बनकर अन्याय को चुनौती देने लगे? अग्निपुत्री महाभारत की द्रौपदी को एक नए दृष्टिकोण से देखने का अवसर देती है। यह केवल पौराणिक कथा नहीं बल्कि स्वाभिमान संघर्ष साहस और स्त्री अस्मिता की सशक्त गाथा है। प्रस्तुत पुस्तक में द्रौपदी के जीवन से जुड़े अनेक ऐसे अनछुए और अनदेखे प्रसंगों को सामने लाया गया है, जो पाठकों को उनके व्यक्तित्व संघर्ष और अंतर्द्वंद्व को एक नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर देते हैं। उनके जीवन के अपमान, पीड़ा, निर्णय और प्रतिरोध के प्रसंग पाठक को भीतर तक झकझोरते हैं। डॉ संजीव कुमार की प्रभावशाली लेखनी द्रौपदी के व्यक्तित्व को नए अर्थ और संवेदना के साथ प्रस्तुत करती है। अग्निपुत्री हर उस पाठक के लिए एक रोचक और विचारोत्तेजक कृति हैए जो द्रौपदी को केवल एक पौराणिक पात्र नहीं बल्कि साहस स्वाभिमान और परिवर्तन की सशक्त प्रतीक के रूप में जानना चाहता है।

Additional information

Weight 200 kg
Dimensions 24 × 14 × 1 cm