Description
Dr. Pankaja Gupta Sonwalkar
महाभारत के नौ स्त्री पात्रों को केंद्र में रखकर उनके व्यक्तित्वए संघर्षए सामर्थ्य और जीवन.मूल्यों के माध्यम से रथी सशक्तिकरण के विविध आयामों को अभिव्यक्त करने का यह साहित्यिक प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय एवं प्रशंसनीय है। भारतीय संस्कृति और परंपरा में नारी की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। महाभारत जैसे विराट महाकाव्य के स्त्री पात्रों को समकालीन दृष्टि से देखने और उनके अंतर्निहित साहसए स्वाभिमान एवं निर्णय क्षमता को रेखांकित करने का प्रयास पाठकों को नई दृष्टि प्रदान करेगा।
डॉ पंकजा सोनवलकर ने अपने पति स्वर्गीय श्री प्रतीक सोनवलकर की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का जो संकल्प लिया हैए यह अत्यंत प्रेरणादायी है। स्वर्गीय श्री प्रतीक सोनवलकर ने शासकीय दायित्वों के निर्वहन के साथ साहित्यए संस्कृतिए जनजागरुकताए पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनकी साहित्यिक यात्रा और रचनात्मक कार्य उज्जैन एवं मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने वाले रहे हैं।






