Description
Dr. Vandana Mishra
सीय राममय सब जग जानी
भारत दुनिया का सबसे प्राचीनतम राष्ट्र है। यह अपनी परम्पराओं साँस्कृतिक मूल्यों को अपने में समेटे वृहद संवेदनाओं को जीता है ।भारतीय संस्कृति का संवाहक राम सनातन आदर्श पुरोधा हैं । सीय राममय सब जग जानी शीर्षक से रचित डॉण्वन्दना मिश्र की यह पुस्तक रामकथा को कम शब्दों में समेटकर साँस्कृतिक मूल्यों की संरक्षक बन पड़ी है। राम भारत का पर्याय है एलोक मानस का विचार है।
राम का अनुकरणीय चरित्र भारतीय पीढ़ी को कुछ करने का अदम्य साहस और पराक्रम देता है।
यह पराक्रम ही विषम परिस्थितियों में जोखिम उठा कर हर असंभव को संभव कर डालता है।
आज वयस्तता का दौर है नयी पीढ़ी को रामकथा सार कम शब्दों में देना हमारा दायित्व है । एक आदर्श चरित्र का निरूपण भारतीय मीमांसा है।
आज जबकि सम्पूर्ण भारत का वातावरण राममय है तब हमारी भी श्रद्धा का एक प्रसून अर्पित है
अपनी भावों के साथ सीय राममय सब जग जानी
शिक्षा एधर्मएआध्यात्म और जीवन मूल्य की दृष्टि से पुस्तक उपयोगी है। इसे प्रत्येक घर में होना चाहिए।
डॉ वन्दना मिश्र