Description
Dr. Sanjeev Kumar
यम.यमी संवाद सूक्त वैदिक परंपरा के एक महत्वपूर्ण संवाद को आधुनिक संवेदना और विचारशील दृष्टि के साथ प्रस्तुत करने वाली कृति है। प्रस्तुत पुस्तक में पाठक यम और यमी के संवाद के माध्यम से धर्म मर्यादा कर्तव्य नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं से जुड़े गहन प्रश्नों से परिचित होते हैं। यह कृति केवल एक प्राचीन प्रसंग का वर्णन नहीं करती, बल्कि उसके भीतर निहित सामाजिकए नैतिक और मानवीय पक्षों को भी उजागर करती है। संवाद की रोचक शैली पाठक को आरंभ से अंत तक जोड़े रखती है और रिश्तों सामाजिक मूल्यों तथा जीवन के नैतिक निर्णयों पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है। डॉ संजीव कुमार ने वैदिक प्रसंग को समकालीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हुए इसे चिंतनए संवेदना और मानवीय मूल्यों से समृद्ध बनाया है। यह कृति पाठकों को अतीत के एक महत्वपूर्ण संवाद से जोड़ते हुए वर्तमान जीवन के लिए भी सार्थक संदेश देती है।


