Description
S.M. Ajahar Aalam
‘अजहर के दो नाटक’ – जैसा कि इस किताब के शीर्षक से ही जाहिर है कि इस किताब में उनके दो नाटक हैं- ‘सुलगते चिनार’ और ‘नमक की गुड़िया’।
‘सुलगते चिनार’ में आजादी की चाहत में दिग्भ्रमित एक युवक के उत्पीड़न और संघर्ष की बात के साथ ही युवक की देश के प्रति आस्था को लेखक ने नाटक विधा शैली में प्रभावी ढंग से पेश किया है।
… और इसी पुस्तक में लिखे दूसरे नाटक – ‘नमक की गुड़िया’ शीर्षकांतर्गत में लेखक ने हमारे समाज की आज की सबसे बड़ी विडंबना दिखाई है कि औरत के खिलाफ होने वाले अपराध में अमूमन औरत ही शामिल रहती है। आखिर क्यों और कैसे? जानिए इस पुस्तक से–






