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Godan

SKU: 9788169624527

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Description

Munshi Premchnd

गोदान मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखा गया एक महान और यथार्थ वादी हिंदी उपन्यास है, जो 1936 में प्रकाशित हुआ था। यह भारतीय किसान के जीवन-संघर्ष और ग्रामीण व शहरी संस्कृति के विरोधाभास का सजीव चित्रण करता है।
जेठ का सूर्य आमों के झुरमुट से निकल कर आकाश पर छाई हुई रजत.प्रताप से तेज प्रदान करता हुआ ऊपर चढ़ रहा था और हवा थी। दोनों ओर खेतों में काम करने वाले किसान उसे देख कर स सम्मान.भाव से चिलम पीने का निमंत्रण देते थे, पर होरी को इतना उसके अंदर बैठी हुई सम्मान,लालसा ऐसा आदर पा कर उसके सूखे मुख पैदा कर रही थी। मालिकों से मिलते.जुलते रहने ही का तो यह प्रसाद आदर करते हैं, नहीं उसे कौन पूछता . पाँच बीघे के किसान की बिस कम आदर नहीं है कि तीन-तीन, चार-चार हल वाले महतो भी उसके हैं।

 

 

Additional information

Weight .03 kg
Dimensions 24 × 14 × 2 cm