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Vyang Ka Samaj Shastra

SKU: 9788117110102

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Description

Dr. Sanjeev Kumar

व्यंग्य का समाजशास्त्र
डॉ. संजीव कुमार जी की यह सद्य प्रकाशित पुस्तक है, जिसका शीर्षक है –‘व्यंग्य का समाजशास्त्र’- जो कि व्यंग्य और समाज के संबंधों को बहुत ही बेबाकी और क्रमबद्ध ढंग से बखान करती है। लेखक ने अपने ढंग से इसमें व्यंग्य का समाज से रिश्ता, व्यंग्य उसे किस तरह से प्रभावित करता है और किस तरह से समाज की समस्याओं को वह अभिव्यक्ति देता है, उसकी भूमिका क्या रहती है और उसको यह कैसे प्रभावित करता है। ये तमाम विषय हैं, जिनको बहुत ही प्रभावी और सधी भाषा में इस पुस्तक में लेखक ने लिखा है। व्यंग्य का यह समाजशास्त्रीय अध्ययन इस बात की भी बखूबी पड़ताल करता है वह किन सामाजिक शक्तियों को चुनौती देता है और इस संबंध में वह किस तरह की भूमिका निभाता है। व्यंग्य के समाजशास्त्रीय अध्ययन को जानने और समझने के लिए यह पुस्तक पाठकों के लिए निश्चित तौर पर उपयोगी सिद्ध होने की क्षमता रखती है।

Additional information

Weight .01 kg
Dimensions 24 × 14 × 1 cm