Description
S.M Ajahar Aalam
चाक
नाटक विधा की किताब-चाक। देश विभाजन, खासकर 1971 के विभाजन से उपजे उस मानवीय दर्द को बयां करती ये कहानी, नाटक रूप में समेटकर पेश की है अजहर ने । उन्होंने इसका ताना-बाना एक परिवार के माध्यम से बुना है। उस परिवार की समय के साथ बदलती तकलीफें यहां हैं, तो साथ ही यह नाटक अंतत: कुछ जरूरी सवाल सामने रखता है – कि विभाजन की त्रासदी में फंसे लोगों की पीड़ा का अंत आखिर कब होगा? समाज में फैली सांप्रदायिकता आखिरकार हमें किस ओर लेकर जाएगी? ये और ऐसे ज्वलंत सवाल मुंह बाये खड़े हैं।
यह नाटक ऐसे ही जरूरी सवालों को सामने रखकर सोचने को मजबूर करता है। नाटक को पढ़ने और सवालों को जानने, मनन करने की जरूरत आज भी है और हमेशा रहेगी। आखिर क्यों? सब कुछ जानने के लिए पढ़िए–






