Description
Rajendra Lahariya
‘डायनासौर-युग में ठुमरी तथा दो अन्य लघु उपन्यास’ – पुस्तक अपने सुंदर रंग-रूप, पठन सामग्री से लबरेज़ होकर समस्त पाठकों के लिये उनके पाठन और रोचकता की श्रीवृद्धि करने के लिए हाल ही में आई है। इसके लेखक हैं हिंदी के सुप्रसिद्ध व महत्त्वपूर्ण कहानीकार व उपन्यासकार – राजेंद्र लहरिया।
‘डायनासौर-युग में ठुमरी’, उपन्यास – एक त्रासद द्वंद्व कथा है जो उजली मोहब्बत और काली सियासत के बारे में बेबाकी और रवानगी लिए हुए है, तो इसी पुस्तक में दूसरा लघु उपन्यास- जंबूद्वीपे-भरतखंडे है। और इसी में तीसरा लघु उपन्यास -दुकालगाथा, काल पुरुष की आंखों देखी अकाल-कथा है, यानी ये सभी इस पुस्तकाकार रूप में पठनीयता व भरपूर रोचकता लिये सहज व सुंदर क्षेत्रीय भाषा शैली में लिखे गये हैं, और पाठक द्वारा इन्हें पढ़े जाने को विवश करने का दम रखते हैं।







