Description
Dr. Sanjeev Kumar
प्रस्तुत पुस्तक में डॉ संजीव कुमार ने द्रौपदी मुर्मू के जीवन को केवल एक राजनेता या राष्ट्रपति के रूप में देखने के वजाए उनके पीछे मौजूद उस संवेदनशील इंसानए संघर्षशील महिला और जनजातीय समाज की बेटी को समझने का प्रयास किया है। इस पुस्तक को पढ़कर पाठक उनके जीवन.संघर्षए सामाजिक पृष्ठभूमि सार्वजनिक जीवन राजनीतिक यात्रा और राष्ट्रपति पद तक पहुँचने के महत्वपूर्ण पड़ावों से परिचित हो सकेगा। साथ ही वह जनजातीय समाज की चेतनाए उसकी सामाजिक.सांस्कृतिक पहचान और भारतीय लोकतंत्र में उसके प्रतिनिधित्व के महत्व को भी समझ सकेगा।
द्रौपदी मुर्मू की यात्रा यह प्रश्न भी सामने रखती है कि जब संसाधन सीमित हों परिस्थितियाँ प्रतिकूल हों और रास्ते आसान न हों तब मनुष्य अपने सपनों को किस तरह जीवित रखता है। कृति में उनका जीवन बताता है कि धैर्य आत्मविश्वास कर्मठता और निरंतर प्रयास किसी भी व्यक्ति को अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने की शक्ति दे सकता है।







